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उन्होंने साफ कहा है कि जिन लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून के तहत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है, उनके मतदान अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान अमित शाह ने कहा कि मतुआ समुदाय के लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतुआ समुदाय को बड़ा भरोसा दिलाया है। उन्होंने साफ कहा है कि जिन लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून के तहत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है, उनके मतदान अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान अमित शाह ने कहा कि मतुआ समुदाय के लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
अमित शाह ने मंगलवार को आयाेजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत में आए हर शरणार्थी को नागरिक के रूप में सम्मान और सुरक्षा मिलेगी। यह भारतीय जनता पार्टी का वादा है। उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत, चाहे वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही क्यों न हों, मतुआ समुदाय या अन्य शरणार्थियों को नुकसान नहीं पहुंचा सकती। गृह मंत्री ने यह भी दोहराया कि घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, लेकिन शरणार्थियों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।
मतुआ समुदाय के लोग सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं और बांग्लादेश से शरणार्थी के रूप में पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। राज्य के नदिया और उत्तर 24 परगना जिलों में इनकी संख्या सबसे अधिक है। हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने के बाद तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार यह दावा कर रही थीं कि कई मतुआ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।
अमित शाह ने इन आशंकाओं पर विराम लगाते हुए कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण पश्चिम बंगाल आने वाले सभी शरणार्थियों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकता के लिए आवेदन करने से किसी का वोट देने का अधिकार नहीं छीना जाएगा।
इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू नहीं होने दिया जा रहा है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी वोट बैंक की राजनीति के कारण इन योजनाओं को रोक रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से डरती हैं।